संभल, मई 8 -- जनपद में फास्फेटिक उर्वरक की वर्तमान में कोई प्रमुख फसल नहीं होने के बावजूद डीएपी खाद की अत्यधिक बिक्री सामने आने पर कृषि विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। जिला कृषि अधिकारी प्रवोध कुमार मिश्रा ने फास्फेटिक उर्वरक की बिक्री की समीक्षा के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर 16 नोटिस जारी किए हैं। यह भी पढ़ें- उर्वरक की कालाबाजारी व जमाखोरी पर होगी कठोर कार्रवाईनोटिस और लाइसेंस निलंबन जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि गत वर्ष अप्रैल माह की तुलना में इस वर्ष अप्रैल में 395 मीट्रिक टन यानी करीब 60 प्रतिशत अधिक डीएपी की बिक्री दर्ज की गई है। इसे संदिग्ध मानते हुए विभाग ने सात नोटिस सहकारी समितियों और नौ नोटिस निजी उर्वरक विक्रेताओं को जारी किए हैं। साथ ही दो निजी विक्रेताओं के लाइसेंस भी निलंबित कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि बी-पैक्स अजमत न...
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