नई दिल्ली, नवम्बर 14 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की नौसेना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला (एनएसटीएल) विशाखापत्तनम ने बारूदी सुरंग निरोधक अभियानों के लिए मानव पोर्टेबल ऑटोनोमस अंडर वाटर व्हीकल्स (एमपी-एयूवी) की एक नई प्रणाली विकसित की है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस प्रणाली में बारूदी सुरंग जैसी वस्तुओं का वास्तविक समय में पता लगाने और वर्गीकरण के लिए प्राथमिक पेलोड के रूप में साइड स्कैन सोनार और अंडरवाटर कैमरों से लैस कई एयूवी शामिल हैं। इन वाहनों (एयूवी) में डीप लर्निंग पर आधारित एल्गोरिदम लगे हैं। ये एल्गोरिदम खुद ही संदिग्ध वस्तुओं को पहचान लेते हैं। इससे ऑपरेटर का काम कम हो जाता है और मिशन का समय भी बच जाता है। इसके अतिरिक्त इन वाहनों में मजबूत अंतर्जलीय ध्वनिक संचार प्रणाली लगी है। इ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.