मेरठ, दिसम्बर 30 -- चौधरी चरण सिंह विवि के भौतिकी विज्ञान के प्रोफेसर डॉ.संजीव कुमार शर्मा को डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) ने बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। प्रो.शर्मा दो अलग-अलग पदार्थों से तैयार और स्वत: ऊर्जा निर्मित करने में सक्षम पराबैंगनी किरणों को पहचानने के लिए फोटोडिटेक्टर्स विकसित करेंगे। 45 लाख रुपये के इस प्रोजेक्ट में गैलियम ऑक्साइड और मोबिब्डेनम डाईसल्फाइड का प्रयोग कर 280-220 नैनो मीटर की पराबैंगनी किरणों को पहचानने में सक्षम फोटो डिटेक्टर बनेगा। पराबैंगनी किरणों का यह वह स्तर है जो पकड़ में नहीं आता और अद़ृश्य रहता है। पराबैंगनी किरणों का प्राथमिक एवं मुख्य स्रोत सूर्य का प्रकाश है, लेकिन मिसाइल सहित विभिन्न रक्षा उपकरण भी पराबैंगनी किरणें निर्मित करते हैं। 'डिजाइन एंड फेब्रिकेशन ऑफ गैलियम ऑक्सा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.