वॉशिंगटन, जून 19 -- पश्चिम एशिया में तनाव खत्म करने और ईरान अमेरिका जंग रोकने के लिए हाल ही में घोषित अमेरिका-ईरान अंतरिम शांति समझौते ने वैश्विक कूटनीति में एक बड़ा बदलाव दिखाया है। हालांकि पाकिस्तान आधिकारिक मध्यस्थ के रूप में सामने था और वह लंबे समय से दोनों देशों के बीच शांति स्थापना के लिए डील कराने की डींगे हांक रहा था लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि मुस्लिम वर्ल्ड का ही एक छोटा सा देश इस पूरी डील का असली 'पावर ब्रोकर' बनकर उभरा है। जब पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई ईरान-अमेरिका की बातचीत बेपटरी हो गई थी, तब उस छोटे से देश यानी कतर ने वॉशिंगटन और तेहरान के बीच एक भरोसेमंद सेतु की भूमिका निभाई और बैकडोर डिप्लोमेसी का नया उस्ताद बनकर उभरा।संकट के समय वॉशिंगटन का भरोसा अप्रैल में इस्लामाबाद में वार्ता विफल होने और राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ई...