डिलिस्टिंग के नाम पर राजनीतिक षड्यंत्र : गीताश्री
रांची, मई 23 -- रांची। प्रमुख संवाददाता देश में आरएसएस और भाजपा की ओर से डिलिस्टिंग के नाम पर आदिवासियों की एकजुटता को समाप्त करने का राजनीतिक षड्यंत्र किया जा रहा है। आदिवासी समाज डिलिस्टिंग का विरोध करेगा और आंदोलन को तेज किया जाएगा। आदिवासियों को कभी वनवासी कहा गया तो कभी संविधान से मिले उनके अधिकार को हटाने का प्रयास किया जा रहा है। पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव और प्रेम शाही मुंडा शनिवार को सिरमटोली सरना स्थल पर जनजाति सुरक्षा मंच एवं भाजपा की ओर से प्रस्तावित जनजाति संस्कृति समागम के विरोध में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर ईसाई की डिलिस्टिंग कर रहे हैं तो हिंदू की भी डिलिस्टिंग की जाए, ताकि मूल प्राकृतिक आदिवासी ही अधिकार का लाभ उठा सकें। यह भी पढ़ें- डिलिस्टिंग रैली में भाग लेने के लिए 400 आदिवासी समुदाय के लोग द...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.