नई दिल्ली, मई 14 -- सभी पेरेंट्स चाहते हैं कि उनका बच्चा समझदार बने, तेजी से सीखे और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़े। लेकिन ये भी समझना जरूरी है कि बच्चों का दिमाग सिर्फ पढ़ाई से तेज नहीं होता, बल्कि घर का माहौल और पेरेंट्स का व्यवहार भी इसमें बड़ी भूमिका निभाता है। पेरेंटिंग कोच रेनू गिरधर ने ऐसे तीन आसान तरीके बताए हैं, जिन्हें अगर पेरेंट्स अपने डेली रूटीन की आदत में शामिल कर लें तो बच्चे की सोचने-समझने की क्षमता बाकी बच्चों के मुकाबले में बेहतर हो सकती है। आइए विस्तार में जानते हैं।बच्चे के हर सवाल का तुरंत जवाब देने की आदत बदलें पेरेंटिंग कोच कहती हैं कि जब बच्चा कोई सवाल पूछे तो तुरंत उसका जवाब देने के बजाय उसे खुद सोचने का मौका दीजिए। बच्चे से कहिए कि पहले वह बताए कि उसे क्या लगता है या उसे इस बारे में कितना पता है। ऐसा करने से...