प्रयागराज, दिसम्बर 16 -- प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। पुलिस के लिए थानों में मुखबिरों की कमी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। खासकर जिन मामलों में डिजिटल साक्ष्य व सीसीटीवी फुटेज नहीं मिलते, उन मामलों की जांच अधूरी रह जाती है। पिछले महीने सूचना विभाग के उपनिदेशक के संदिग्ध हालात में जार्जटाउन में सड़क किनारे मृत मिलने और सितंबर माह में पूर्व सैन्यकर्मी अमर सिंह की सिर कूंचकर हुई नृशंस हत्या का अब तक पुलिस खुलासा नहीं कर सकी। यह कोई पहला मामला नहीं है, जब कई मामले डिजिटल साक्ष्य के अभाव में ठंडे बस्ते में चले गए। सूत्रों की मानें तो पुलिस की जांच अब डिजिटल साक्ष्यों पर निर्भर होने लगी है। सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड जैसे डिजिटल साक्ष्य को आधार बनाकर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है। अधिकतर थानों से मुखबिरों के गायब होने से अपराधों की जां...
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