कानपुर, अगस्त 12 -- कानपुर। प्रमुख संवाददाता आईसीएआर अटारी जोन तीन में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहायक महानिदेशक (कृषि प्रसार) डॉ. आरआर बर्मन ने कहा कि डिजिटल सर्वे से खेती को नई रफ्तार मिलेगी। उन्होंने केवीके की भूमिका को और मजबूत करने तथा आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से किसानों की समस्याओं और आवश्यकताओं को वैज्ञानिक ढंग से दर्ज करने पर जोर दिया। लैंडस्केप डायग्नोस्टिक सर्वे विषय पर आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को समापन हुआ। यहां आईसीएआर-अटारी, कानपुर के निदेशक डॉ. राघवेंद्र सिंह ने कहा कि यह पहल किसानों की वास्तविक जरूरतों को अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने किसानों से मोबाइल आधारित डिजिटल सर्वे कर व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया।

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