नई दिल्ली, अप्रैल 13 -- सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल व्यक्तिगत डाटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के उन प्रावधानों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सोमवार को केंद्र से जवाब मांगा जो 2005 के सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत पारदर्शिता को कथित रूप से कमजोर करते हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने जनहित याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान की दलीलों पर गौर करने के बाद कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय (कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग) और विधि एवं न्याय मंत्रालय से जवाब मांगा। पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि राजस्थान को भी इस कार्यवाही में पक्षकार बनाया जाए। यह भी पढ़ें- आरटीई संबंधी याचिका पर केंद्र व राज्यों से मांगा जवाब 'मजदूर किसान शक्ति संगठन' के अलावा सामाजिक कार्यकर्ताओं अरुणा रॉय, निखि...
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