डिजिटल युग में तकनीकी दक्षता के साथ आईपीआर की समझ अनिवार्य: डॉ. कुणाल
रांची, जुलाई 24 -- रांची, विशेष संवाददाता। डोरंडा कॉलेज और प्रज्ञा रिसर्च एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संकाय संवर्धन कार्यक्रम में बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता, एमिटी यूनिवर्सिटी के सहायक प्राध्यापक डॉ. कुणाल रंजन ने कॉपीराइट, आईपीआर और मुक्त शैक्षणिक संसाधन विषय पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में केवल तकनीकी दक्षता काफी नहीं है, शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए कॉपीराइट और ओपेन एजुकेशनल रिसोर्सेज की सही समझ होना भी अनिवार्य है। इससे न केवल गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री तैयार होती है, बल्कि अकादमिक ईमानदारी और नवाचार को प्रोत्साहन मिलता है।ऑनलाइन आयोजित कार्यक्रम में रांची विश्वविद्यालय सहित देश भर के विभिन्न संस्थानों से लगभग 60 शिक्षक व शोधार्थी शामिल हुए। यह भी पढ़...
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