प्रयागराज, दिसम्बर 6 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि वाराणसी की सुषमा देवी की साइबर शिकायत पर डिजिटल अरेस्ट और जाली डॉक्यूमेंट्स के पीड़ितों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के पालन में क्या कार्रवाई की गई है, जिनके बैंक अकाउंट का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड ने गैर-कानूनी पैसे ट्रांसफर करने के लिए किया था। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने अधिवक्ता जितेंद्र सरीन को सुनकर दिया है। याची सुषमा देवी ने कहा सुप्रीम कोर्ट ने इन री विक्टिम्स ऑफ डिजिटल अरेस्ट रिलेटेड टू फोर्ज्ड डॉक्यूमेंट्स में डिजिटल अरेस्ट स्कैम का स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने सीबीआई को पूरे देश में जांच करने का निर्देश दिया और केंद्र व राज्यों से संगठित साइबर क्राइम से निपटने के लिए संस्थागत समाधान को कहा है । कोर...
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