नई दिल्ली, जुलाई 29 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। बैंकिंग सिस्टम से जुड़े लोगों की जेब पर दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ डिजिटल भुगतान सेवाओं से लागों के साथ ठगी हो रही है। दूसरी तरफ बैंक जुर्माना लगाकर ग्राहकों से मोटी रकम वसूल रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि बीते साढ़े चार वर्षों में 3500 करोड़ रुपये की ठगी हुई है, जिसमें से रिकवरी सिर्फ 238 करोड़ रुपये की हो पाई है। डिजिटल भुगतान बढ़ने के साथ डिजिटल भुगतान फ्रॉड के मामलों में भी तेजी आई है। वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 (सितंबर 2025 तक) के दौरान बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने डिजिटल पेमेंट फ्रॉड के 5,83,291 मामले दर्ज किए। इन मामलों में 3588.22 करोड़ रुपये की ठगी हुई, जबकि पीड़ितों को अब तक केवल 238.83 करोड़ रुपये ही वापस दिलाए जा सके हैं। यह भी पढ़ें- बैंकों ने ग्राहकों की जेब से वसूले Rs...