चतरा, अगस्त 21 -- हंटरगंज, निज प्रतिनिधि। हंटरगंज प्रखंड के गोदोबार गांव में अकेले रह रहे 72 वर्षीय अनिरुद्ध सिंह की कहानी आज के कई बुजुर्गों की हकीकत बयां करती है। दो बेटे बड़े ओहदे पर है। जिसके कारण बाहर चले गए हैं। पत्नी भी बीमार होने के कारण अपने बेटों के पास ही रहती है। जिसके कारण चारदीवारी के भीतर अकेले अनिरुद्ध सिंह की उम्र कट रही है और अब मोबाइल ही उनका सहारा बना है। अनिरुद्ध सिंह की दिनचर्या सुबह की सैर से शुरू होती है। रोज सुबह 5 बजे उठकर गांव की सड़क पर टहलना, फिर चाय बनाकर पीना और घर के काम में लग जाना। यह भी पढ़ें- Ranchi News: राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस- अकेले घर में कटती उम्र, डिजिटल दुनिया में तलाशते सहारा दोपहर में पड़ोस के एक-दो बुजुर्गों के साथ अपनी अकेलेपन को मिटाने की क्षणिक प्रयास करना है। हाथ में बेटे ने मोबाइल थमा द...