रांची, मई 2 -- रांची, संवाददाता। भोजन का अधिकार अभियान झारखंड ने राज्य के आंगनवाड़ी केंद्रों की बदहाली को प्रेसवार्ता में उजागर किया। सत्य भारती सभागार में शनिवार को हुई कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि अभियान के द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार डिजिटल प्रणालियों और प्रशासनिक लापरवाही के चलते महिला एवं बच्चों तक पोषण सेवाएं सही से नहीं पहुंच रहीं। वहीं, सेविकाएं अतिरिक्त दबाव व असुरक्षा में काम कर रही हैं। नवंबर-दिसंबर 2025 में 9 जिलों के 106 केंद्रों पर हुए सर्वे में पता चला कि पोषण ट्रैकर, ई-केवाईसी व चेहरा पहचान प्रणाली काम को जटिल बना रही हैं। केवल 56.1% लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा हो सका। ओटीपी व तकनीकी दिक्कतें बड़ी बाधा बनी हुई हैं। अंडा वितरण योजना में भी अनियमितता दिखी। महज 43% केंद्र ही हफ्ते में छह दिन अंडा दे पा रहे हैं। कम दर औ...