वाराणसी, जनवरी 9 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। आधुनिक युग के भोजपुरी साहित्य में पं.हरिराम द्विवेदी का योगदान अतुलनीय है। उनके भोजपुरी साहित्य डिजिटल प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। ऐसा करने से हम 'हरि भैया' के विशिष्ट योगदान से नई पीढ़ी को सहज रूप से परिचित करा सकेंगे। यह बातें काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो.आनंद कुमार त्यागी ने कहीं। वह गुरुवार को पं.हरिराम द्विवेदी की दूसरी पुण्यतिथि पर महमूरगंज स्थित उनके आवासीय परिसर में आयोजित स्मरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। प्रो.त्यागी ने कहा कि काशी विद्यापीठ का भोजपुरी अध्ययन केंद्र डिजिटलाइजेशन के कार्य में अपना पूरा सहयोग करेगा। पद्मश्री डॉ. कमलाकर त्रिपाठी ने कहा कि पं.हरिराम द्विवेदी पद्म पुरस्कार के हकदार थे। विशिष्ट अतिथि प्रो.एसएन.उपाध्याय ने कहा कि 'हरि भैया' ने अपने सा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.