गया, नवम्बर 21 -- हालिया दिनों में डिजिटल कार्टोग्राफी ने मैपिंग के क्षेत्र में एक नई क्रांति ला दी है। कार्टोग्राफी में इस टेक्नोलॉजी की मदद से आप अपनी जरूरत के हिसाब से मैप कर सकते हैं। कभी आप छोटी-छोटी कुदरती चीजों को मैप करते हैं, कभी आप आबादी को मैप करते हैं, कभी आप सोशल इंडेक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और भी बहुत कुछ मैप करते हैं। उक्त वक्तव्य नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए), मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, भारत सरकार के चीफ इग्जेक्युटिव ऑफिसर (सीईओ) डॉ. सुनील कुमार बरनवाल ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार (सीयूएसबी) में आयोजित 45वें आईएनसीए इंटरनेशनल कांग्रेस के उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि के रूप में कही। नेशनल एटलस एंड थीमेटिक मैपिंग ऑर्गेनाइजेशन (एनएटीएमओ) और सीयूएसबी के संयुक्त तत्वाधान में 'बेहतर कल के लिए कार्टोग्राफी में तरक्क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.