नई दिल्ली, मार्च 13 -- नई दिल्ली, प्र.सं.। दिल्ली उच्च न्यायालय ने डिजिटल अरेस्ट के एक मामले में एक व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका यह देखते हुए खारिज कर दी कि तकनीक का उपयोग करके भोले-भाले पीड़ितों से पैसे वसूलने के मामले देश भर में तेजी से बढ़ रहे हैं। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने कहा कि आरोपी साइबर धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में कथित तौर पर शामिल था। पूरी कार्यप्रणाली तथा बड़ी साजिश का खुलासा करने के लिए उससे हिरासत में पूछताछ करना बहुत जरूरी है। ग्रेटर कैलाश-एक की निवासी शिकायतकर्ता ने 23 मार्च 2025 को साइबर हेल्पलाइन पर मामले की शिकायत दर्ज कराई थी।

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