पूर्णिया, दिसम्बर 9 -- पूर्णिया, धीरज। सीमांचल के खेतों में एक दशक से लहलहा रही मक्के की फसल ने मिट्टी की तासीर बिगाड़ कर रख दी है। मक्के के अधिक से अधिक उत्पादन के लिए किसान प्रचूर मात्रा में खेतों में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग कर रहे हैं जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी कमजोर हो गयी है। ऐसे में डायवर्सिफिकेशन अब वक्त की मांग है। बिहार सरकार ने पूर्णिया के बनमनखी समेत राज्य में नौ बंद चीनी मिल को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है। कैबिनेट की बैठक में चीनी मिल खोलने पर मुहर लग चुकी है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पूर्णिया में चुनावी सभा के दौरान बनमनखी में बंद चीनी मिल को खोलने का भी मंचसे ऐलान किया था। चीनी मिल स्थापित होने पर सीमांचल और कोसी के खेतों में फिर से गन्ना लहलहाएगा। गन्ना की खेती से मिट्टी भी मीठी होगी और लाखों किस...
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