कानपुर, अगस्त 7 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। सीओडी पुल पर जाम और रामादेवी चौराहे पर चलने वाले कार्य की वजह से चार साल पहले रोडवेज प्रबंधन ने बसों को झकरकटी से सीधे रामादेवी की ओर न भेज टाटमिल चौराहे से बाबूपुरवा, यशोदानगर और एलिवेटेड हाईवे से लखनऊ की ओर डायवर्ट किया। इस डायवर्जन के नाम पर रोडवेज प्रबंधन ने दो से चार रुपये यात्रियों से अतिरिक्त लेना शुरू कर दिया। लगभग चार साल बाद इस अधिभार को हटा दिया गया है। इसका खामियाजा रोजाना औसतन लगभग 8-10 हजार यात्रियों पर पड़ता था। इससे कोई तीन करोड़ रुपये अब तक प्रबंधन वसूल सका। वैसे सीधे आवाजाही पर पाबंदी होने के बावजूद बड़ी संख्या में बसें सीधे आती-जाती थीं। हालांकि जिस बाधा से बसों को डायवर्ट किया गया था वह भी दूर हो गई थी।

डायवर्जन और उसके प्रभाव झकरकटी बस अड्डे से लखनऊ और दूसरे रीजन की बसों स...