अयोध्या, अप्रैल 8 -- अयोध्या, संवाददाता। राजर्षि दशरथ मेडिकल कालेज के पूर्व प्राचार्य सत्यजीत वर्मा की लापरवाही का खामियाजा डायलिसिस न होने के कारण मौत के कगार पर खड़े मरीज भुगत रहे है। 24 मार्च 2025 को इंडियन आयल व मेडिकल कालेज के बीच एमओयू हुआ था। इंडियन आयल के द्वारा यूनिट के सीएसआर फंड से चार करोड़ उपलब्ध कराने के बाद भी उसका उपयोग नहीं हो पाया। अब मेडिकल कालेज टेंडर ने इसके लिए टेंडर किया है।इंडियन ऑयल द्वारा सीएसआर फंड के तहत करीब चार करोड़ रुपये की लागत से 10 बेड की डायलिसिस यूनिट मेडिकल कॉलेज में स्थापित की जानी है। 24 मार्च 2025 को ब्लड बैंक के विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार सिंह और इंडियन ऑयल के वीके पाल के बीच यूनिट लगाने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे। इससे पहले यूनिट के प्रस्ताव को इंडियन ऑयल के बोर्ड आफ डायरेक्टर ने अपनी सहमति ...
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