नई दिल्ली, सितम्बर 19 -- आईआईटी बॉम्बे इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। सेकेंड ईयर के बीटेक छात्र साहिल वाकोड़े की खुदकुशी के महज 24 घंटे के भीतर पूरे कैंपस की फिजा बदल चुकी है। जिस संस्थान को देश के सबसे होनहार दिमागों का ठिकाना माना जाता है वहां आज पढ़ाई के बजाय हॉस्टल की गलियों और प्रशासनिक इमारतों के बाहर नारों की गूंज है। साहिल की मौत को लेकर छात्र आवाज रहे हैं। गुस्सा इतना गहरा है कि छात्रों ने सीधे संस्थान के डायरेक्टर और डीन के इस्तीफे की मांग कर डाली है।एक साल के भीतर चौथी खुदकुशी 18 सितंबर की शाम को साहिल वाकोड़े का शव उसके हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला था। इस खबर के फैलते ही सहपाठियों में शोक की लहर दौड़ गई लेकिन जल्द ही यह खामोशी भारी आक्रोश में बदल गई। अगले ही दिन सैकड़ों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए। उनकी मा...