मुरादाबाद, जुलाई 29 -- विश्व ओआरएस दिवस पर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएमओ कार्यालय के सभागार में डायरिया को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पीएसआई इंडिया और केनव्यू के सहयोग से डायरिया से डर नहीं कार्यक्रम के तहत सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा कि डायरिया से डरने नहीं बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि इसका उपचार पूरी तरह संभव है। बच्चे को दिन में दो-तीन बार पतली दस्त हो तो ओआरएस का घोल और जिंक जरूर दें, क्योंकि यही इसका सही उपचार है।

डायरिया की पहचान एवं उपचार जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने विशेष प्रस्तुतीकरण के माध्यम से डायरिया की शीघ्र पहचान और इसमें लाभकारी ओआरएस एवं जिंक के प्रयोग के बारे में जानकारी दी। जिला महिला चिकित्सालय से डॉ. अंशु माली ने डायरिया के प्रोटोकॉल प्लान ए, प्लान बी एवं प...