रांची, जून 26 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने डायन-बिसाही के आरोप में महिला की हत्या के 29 साल पुराने मामले में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को खारिज करते हुए आरोपी मनसू मांझी उर्फ मांसा मांझी को बरी कर दिया। जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस पीके श्रीवास्तव की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। मामला बोकारो जिले के बालीडीह थाना क्षेत्र के वंशिमली गांव का है। अभियोजन के अनुसार, दो सितंबर 1996 को चांदमनी मांझियान की डायन होने के संदेह में हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि मनसू मांझी और रघुनाथ मांझी ने टांगी और लाठी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। घटना से एक दिन पहले गांव में इस मुद्दे को लेकर पंचायत भी हुई थी। मृतका के पुत्र रूपलाल मांझी के बयान पर बालीडीह थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वर्ष 1999 में निचली अदालत ने मनसू मांझी को...