बागपत, मार्च 15 -- जिले की सड़कों के कायाकल्प पर ग्रहण लग गया है। बागपत में चल रहे विकास कार्यों पर प्राकृतिक गैस की किल्लत और डामर की बढ़ती कीमतों ने डबल अटैक किया है। स्थिति यह है कि गैस आधारित हॉट मिक्स प्लांट पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच गए हैं। ठेकेदारों का कहना है कि यदि यही हालात रहे, तो शहर की रफ्तार थम जाएगी और करोड़ों रुपये के टेंडर कागजों तक ही सीमित रह जाएंगे। प्लांट संचालकों का कहना है कि गैस के बिना निर्माण सामग्री तैयार करना असंभव है। हालांकि कुछ स्थानों पर प्लांट चल रहे हैं, लेकिन उनकी दूरी अधिक है। वहां से तैयार माल बागपत तक लाने में ठंडा हो जाता है। ठंडा मिश्रण सड़क की पकड़ और गुणवत्ता को कमजोर कर देता है, जिससे सड़क कुछ ही दिनों में उखड़ने लगती है। गुणवत्ता से समझौते के डर से कोई काम करने को तैयार नहीं है।--डामर की बढ़ती क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.