भदोही, मार्च 15 -- बाबूसराय, हिन्दुस्तान संवाद। वाराणसी-बाबूसराय सीमा पर स्थित डाक बंगले की भूमि पर इन दिनों अतिक्रमण किया जा रहा है। स्थानीय लोग बाउंड्रीवाल का ईंट तक उठा ले जा रहे हैं। अवैध कब्जा का क्रम इसी तरह चलता रहा तो डाक बंगले का वजूद पूरी तरह खत्म हो जाएगा। सूत्रों की माने तो वर्ष 1921 में डाक बंगले का निर्माण कराया गया था। इसमें अंग्रेजी अधिकारी ठहरते थे। लाखों की लागत से बना डाक बंगला अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। डाक बंगले में लगा खिड़की-दरवाजा तक लोग उठा ले गए हैं। इतना ही नहीं बाउंड्रीवाल का ईंट तक नहीं बच रहा है। आसपास के लोग बंगले के आसपास पहले बांस-बल्ली गाड़ रहे हैं फिर कब्जा ले रहे हैं। कुछ लोग तो ऊपली पाथने के साथ ही अपना घुर-गड्डा भी बना दिए हैं। जिला प्रशासन स्तर से भी उपेक्षित डाक बंगले की सुधि नहीं ली जा रही है जो...