डाकुओं के गांव से बदनाम इलाके से निकला डॉक्टर, NEET में 5.84 लाख रैंक पर मिली सरकारी MBBS सीट
नई दिल्ली, सितम्बर 8 -- पश्चिम बंगाल का एक गांव जिसे डाकुओं का गांव कहा जाता रहा है, वह अब डॉक्टर का गांव कहा जाएगा। यहां के कलिमुल्लाह नाम के छात्र ने नीट यूजी में शानदार प्रदर्शन कर सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीट में दाखिला लिया है। बांकुड़ा के ओंदा ब्लॉक के पुलिसोल के मुख्यापाड़ा गांव के लाल की इस सफलता के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अब उनके गांव को 'डाकू के गांव' नहीं, बल्कि 'डॉक्टर के गांव' के नाम से जाना जाए। राज्य स्तर पर करीब आठ हजार रैंक हासिल करने वाले कलिमुल्लाह की सफलता से उनके परिवार के साथ पूरा गांव उत्साहित है। कालिमुल्लाह पैरों की संरचनात्मक समस्या के कारण दिव्यांग हैं, जिसकी वजह से उन्हें काफी लड़खड़ाकर चलना पड़ता है। हालांकि उन्होंने इस शारीरिक बाधा को कभी भी अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया।नीट की तैयारी ऑनल...
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