नई दिल्ली, जनवरी 24 -- कई भारतीय महिलाएं यह शिकायत करती हैं कि वे पुरुषों जितनी मेहनत करने के बावजूद वजन कम नहीं कर पातीं। एक जैसी डाइट, वही वर्कआउट और फिर भी नतीजे अलग- इसका कारण आलस नहीं बल्कि शरीर की बनावट, हार्मोन और लाइफस्टाइल है। न्यूट्रिशनिस्ट अवंती देशपांडे के अनुसार, महिलाओं के शरीर की जरूरतें पुरुषों से बिल्कुल अलग होती हैं, इसलिए उनका वेट लॉस प्रोसेस भी अलग होता है।महिलाओं में मसल मास कम होना: महिलाओं के शरीर में प्राकृतिक रूप से मसल्स कम होती हैं। मसल्स जितनी ज्यादा होंगी, उतनी तेजी से कैलोरी बर्न होती है। कम मसल मास होने की वजह से फैट बर्निंग प्रोसेस धीमा हो जाता है।हार्मोनल उतार-चढ़ाव: पीसीओएस, थायरॉइड, पीरियड्स और मेनोपॉज जैसे हार्मोनल बदलाव महिलाओं के मेटाबॉलिज्म को सीधे प्रभावित करते हैं। अवंती देशपांडे बताती हैं कि इन स्...