नई दिल्ली, अप्रैल 27 -- केरल में सांप काटने की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। लगातार मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है। दरअसल, प्रदेश में पाए जाने वाले आठ प्रमुख विषैले सांपों और किंग कोबरा के लिए कोई विशिष्ट एंटीवेनम उपलब्ध नहीं है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग की परेशानी बढ़ गई है। फिलहाल डॉक्टर केवल लक्षणों के आधार पर ही मरीजों का इलाज कर पा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिट वाइपर परिवार के सांप इस समस्या के केंद्र में हैं। इनमें सबसे खतरनाक कूबड़दार नाक वाला पिट वाइपर (हाइपनेल हाइपनेल) है, जो जंगलों, रबर बागानों और कृषि क्षेत्रों में आमतौर पर पाया जाता है। यह केरल में विषैले सांप काटने के लगभग 25 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार है और इसकी मृत्यु दर सबसे अधिक बताई जाती है। यह भी पढ़ें- सांप ...
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