पीलीभीत, दिसम्बर 29 -- पीलीभीत। इंडो नेपाल के सटे पीलीभीत जिले के पीटीआर में अब बाघ बाहुल्य नहीं बल्कि डब्ल्यूडब्ल्यूएफ हाथियों के बाहुल्य वाले गांव व स्थान चिन्हित करेगा। इसमें जिन गांव अथवा रूट से हाथियों का आवागमन होता है। वह रूट चिन्हित कर इनकी कार्ययोजना बनाई जाएगी। यहां दुधवा समेत अन्य टाइगर रिजर्व से जानकारों को बुला कर संवाद किया जाएगा। पीटीआर यानि पीलीभीत टाइगर रिजर्व में कर्नाटक के चार हाथियों में निसर्गा, मणिकांत व छोटा व बड़ा सूर्या हैं। जबकि हाल ही में बिजनौर के नजीमाबाद से एक नन्हा हाथी का शिशु आया है। इसके अलावा नेपाल के शुक्लाफाटा से हाथियों का आवागमन बना रहता है। पिछले दिनों में तो पहले गन्ने की सीजन में ही हाथी आते थे। पर अब 12 महीने नेपाल के हाथियों का आना जाना रहता है। जिससे कई बार गन्ना धान और केले की फसल को नुकसान हो...
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