एटा, मई 21 -- छबिराम, महावीरा, पौथी जैसे खूंखार डकैतों के नाम से कांपने वाला एटा अब डकैतों से मुक्त हो गया। अब जिले में एक भी डकैती डालने वाला गैंग नहीं रहा। समय के साथ-साथ अब अपराध करने का तरीका भी बदल गया। पड़े लिखें अपराधियों ने साइबर की दुनिया में कदम रख लिए तो कम पड़े लिखे लोग चोरी और नकबजनी की घटनाओं को अंजाम दे रहे है। इस समय जिले में 72 गैंग काम कर रहे हैं। इन गैंगों पर पुलिस नजर बनाए हुए है। एटा पुलिस की डायरी में पंजीकृत गैंगों की संख्या 72 पहुंच गई। हर गैंग का अपराध अलग-अलग प्रवृति का है। इन 72 गैंगों में 400 अपराधी काम कर रहे है। पुलिस ने इन 400 अपराधियों की कुंडली तैयार कर रखी है। 80 दशक तक एटा में दहशत फैलाने वाले डकैत छबिराम, महावीरा, कलुआ, पौथी के नाम पुलिस की डायरी से पूरी तरह से हट गए। इन गैंगों में शामिल सदस्यों की दो व...