ठेले वाली आधी दुकाने कम हो गई, कोयला वाली ही बचीं
हजारीबाग, मार्च 23 -- हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि जिले में गहराए एलपीजी संकट के कारण मजदूरों और कम आय वाले लोगों के लिए भोजन की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन गई है। यह संकट न केवल घरेलू रसोई बल्कि उन छोटे होटलों और ढाबों को भी प्रभावित कर रहा है। जिन पर दिहाड़ी मजदूर पूरी तरह निर्भर हैं। इस कारण ठेले वाले आधी दुकाने बंद हो गई है। जो दुकानदार कोयला का उपयोग कर रहे हैं। वह होटल खोल रहे हैं। इस कारण भोजन के दाम में वृद्धि हो गई है। एलपीजी की कमी और कालाबाजारी के कारण ढाबों और छोटे होटलों ने खाने के दाम बढ़ा दिए हैं। इससे रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। मेन्यू से बुनियादी चीजों का गायब होती जा रही है। गैस की किल्लत के चलते कई भोजनालयों ने रोटी, डोसा और पूरियां बनाना बंद कर दिया है या कम कर दिया है, क्योंकि इन्हें बनाने में अ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.