नई दिल्ली, अप्रैल 11 -- bpsc success story adarsh kumar: कहते हैं कि अगर हौसलों में उड़ान हो तो कोई भी आसमान छोटा पड़ जाता है। इस पुरानी कहावत को एक बार फिर सच कर दिखाया है बिहार के औरंगाबाद जिले के रहने वाले आदर्श कुमार ने। उनकी एक ऐसी कहानी है जो सीधे दिल को छूती है और हमें यह एहसास कराती है कि सच्ची लगन, कड़ी मेहनत और माता पिता के आशीर्वाद से दुनिया की कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है। ठेले पर अंडे बेचकर परिवार का पेट पालने वाले पिता के बेटे ने जब 32वीं बीपीएससी (BPSC) न्यायिक सेवा परीक्षा पास कर सिविल जज की कुर्सी तक का शानदार सफर तय किया तो पूरे इलाके की आंखें खुशी और फक्र से छलक उठीं। गरीबी से लड़कर आदर्श ने कैसे हासिल किया ये सफर... आइए जानते हैं।ठेले पर अंडे बेचकर चलाते थे घर इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, आदर्श कुमार का बचपन ...
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