गया, मार्च 18 -- युद्ध के कारण रसोई गैस की मांग काफी बढ़ी हुई है। इस बीच जिले में एलपीजी की किल्लत बनी हुई। रसोई गैस सिलेंडर जितना वितरित किए जा रहे हैं उससे करीब तीन गुणा से अधिक आपूर्ति के लिए लंबित रह जा रहे हैं। लेकिन, कामर्शियल गैस सिलेंडर बांटे ही नहीं जा रहे हैं। ना तो 19 और ना पांच किलो वाले सिलेंडर का वितरण कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में छोटे-बड़े होटल व रेस्टोरेंट संचालकों बेहद परेशान हैं। सबसे खराब स्थिति चौक-चौराहों पर दुकान या ठेला के जरिए फास्ट फूड, चार-पकौड़ा, नास्ता बनाकर बेचने वालों की है। शहर में करीब 10 से 20 फीसदी तक ठेला व इस तरह की दुकानें बंद हो गई हैं। दुकान बंद कर मजदूरी या दूसरी प्रतिष्ठान में काम करने लगे हैं। कुछ ठेला वाले कोयले की चूल्हा से दुकानदारी कर रहे हैं। बड़ी-बड़ी मिठाई दुकान, होटल व रेस्टरोंटों में भी कोयले की...