धनबाद, अक्टूबर 24 -- देश की कोयला कंपनियों में लगभग 70 प्रतिशत कोयला उत्पादन ठेके (आउटसोर्सिंग-एमडीओ सहित अन्य निजी क्षेत्र के सहयोग) पर हो रहा है, लेकिन मात्र 88 हजार 286 ठेका मजदूर ही सामाजिक सुरक्षा के दायरे में हैं। कोयला खान भविष्य निधि संगठन (सीएमपीएफओ) के आधिकारिक आंकड़े के अनुसार अब तक कोल सेक्टर में कार्यरत ठेका मजदूरों में 88 हजार 286 का ही पीएफ कट रहा है। सीएमपीएफओ के अंशदान में लगातार कमी को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि ज्यादा से ज्यादा कोयला ठेका श्रमिकों को सीएमपीएफ के दायरे में लाया जाए। इस सिलसिले में सीएमपीएफ आयुक्त ने बैठक भी की है। ठेका मजदूरों की कोयला क्षेत्र में वास्तविक संख्या क्या है, इसको लेकर कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। आधिकारिक आंकड़े की बात करें तो सीएमपीएफओ के दायरे में आने वाले ही वास्तविक ठेका मजदूर हैं।...