रांची, दिसम्बर 13 -- रांची, संवाददाता। झारखंड चैंबर ने एक जुलाई 2017 से पहले दिए गए सरकारी कार्यों पर जीएसटी लागू होने से ठेकेदारों पर बढ़े वित्तीय बोझ को लेकर राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। इस संबंध में चैंबर ने झारखंड के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर स्पष्ट प्रशासनिक गाइडलाइन जारी करने का आग्रह किया है। चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि जीएसटी काउंसिल और झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद अब तक प्री-जीएसटी कार्यों से जुड़ी टैक्स देनदारियों के निपटारे के लिए नीति तय नहीं की गई है। उन्होंने जीएसटी अंतर राशि की प्रतिपूर्ति के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने व वाणिज्यकर विभाग की एसओपी एसडी-33 के कॉलम 15 में संशोधन की मांग की। चैंबर महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि बिहार सहित अन्य राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों ने ...