हमीरपुर, जनवरी 2 -- हमीरपुर, संवाददाता। जनपद में कहीं कोई सीवर लाइन तो नहीं है, लेकिन इसके बावजूद जल संस्थान का पानी अक्सर बदबूदार और मटमैला होने की शिकायतें आती रहती हैं। केंचुआ के आकार के कीड़ों के भी निकलने की शिकायतें आम हैं। जलापूर्ति का कार्य स्टाफ के अभाव में ठेकेदारी प्रथा पर कराया जा रहा है। पाइप लाइन लीकेज के महीने में 15 से 20 आ रहे हैं। विभाग का दावा है कि लीकेज लाइनों को शिकयत मिलने के तत्काल निस्तारित कराया जाता है। जनपद के शहरी इलाकों में जल संस्थान के माध्यम से जलापूर्ति होती है। नमामि गंगे योजना से भी ग्रामीण इलाकों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, मगर अभी तक इस योजना से सभी गांवों को पानी नहीं पहुंचा है। अधिकांश गांवों में पाइप लाइनें बिछा दी गई हैं। लेकिन घरों में टोटियां नहीं पहुंची हैं। दूसरी तरफ ज...