मथुरा, मई 25 -- पुरुषोत्तम मास में प्राचीन सप्त देवालयों में शामिल श्रीराधारमण मंदिर में सेवायत माध्व गौड़ेश्वरचार्य पद्मनाभ गोस्वामी द्वारा ठाकुरजी की ग्रीष्म कालीन सेवा के अंतर्गत प्रेम महोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें ठाकुरजी को ग्रीष्म की अनुभूति से सुरक्षित करते हुए पुष्पित पल्लवित और सुसज्जित वातावरण में शीतल पेय पदार्थों, फलों के रस एवम ठंडाई आदि का नियमित भोग अर्पित किया जा रहा है। मंदिर के सेवायत आचार्य पद्मनाभ गोस्वामी ने बताया कि पावन पुरुषोत्तम मास का यह वैशिष्ट्य है कि जब-जब समय के गणना चक्र में किसी भी प्रकार का असंतुलन उत्पन्न होता है, तब यह पवित्र मास प्रकट होकर भक्त जनों के हृदय में आध्यात्मिक ऊर्जा का विस्तार करता है तथा धर्म और साधना के मार्ग को सुदृढ़ करता है। यह भी पढ़ें- राधारानी मंदिर में सात दिनी संकीर्तन शुरू उन्हो...