लखनऊ, जुलाई 15 -- लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। समिट बिल्डिंग में ढाई अरब रुपये से अधिक की साइबर ठगी करने के लिए आरोपियों ने अमेरिकी स्कैमरों से डेढ़ करोड़ रुपये में टोल-फ्री नंबर खरीदे थे। साइबर थाने और क्राइम ब्रांच की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है। कॉल सेंटर के कर्मचारी इन्हीं दो टोल-फ्री नंबरों को पॉप-अप मैसेज के जरिए अमेरिकी नागरिकों को जाल में फंसाने के लिए भेजते थे। जाल में फंसे लोग जब इन नंबरों पर कॉल करते, तो वीओआईपी कॉलिंग सिस्टम "आईबीम डायलर" के जरिए इंटरनेट आधारित कॉलिंग से वह कॉल सेंटर से जुड़ जाती थी। अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) किरन यादव के अनुसार, जांच में जुटी साइबर सेल, थाना और क्राइम ब्रांच की टीमों को गिरोह के बारे में कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस टीमों ने 1888624.... सहित दो टोल-फ्री नंबरों की पहचान कर ली है। इन्ही...