ठंड पड़ी गैस की भट्ठी, कोयले और लकड़ी का सहारा
सीवान, जून 17 -- बड़हरिया। गैस न मिलने और ऊंचे दामों से परेशान होकर मिठाई व्यापारियों, हलवाइयों होटल संचालकों ने एक बार फिर पारंपरिक रास्तों की ओर रुख किया है। अब मिठाई से लेकर नाश्ता बनाने तक के लिए के लिए कोयले लकड़ी का इस्तेमाल कर रहे है।
गैस की कमी कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर के किल्लत के कारण मिठाई की दुकानों पर गैस के चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं। दूध उबालने, खोया मारने और चाशनी बनाने जैसे भारी कामों के लिए अब दुकानों के बाहर या छतों पर ईंटों की अस्थाई भट्ठियां बनाकर मिठाईया और तरह तरह के व्यंजन तैयार कर रहे है। मिठाई व्यापारियों परमोद साह, बालिस्टर साह, कुंवर जी, रविन्द्र साह, प्रहलाद साह, सुजीत कुमार साह का कहना है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर या तो मिल नहीं रहे हैं। ऐसे में उत्पादन जारी रखने और कारीगरों को खाली बैठने से बचाने के लिए कोयले...
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