मुंगेर, दिसम्बर 25 -- मुंगेर, निज प्रतिनिधि। कड़ाके की ठंड से जहां गेहूं की फसल को फायदा हो रहा है वहीं दलहन व तिलहन पर प्रतिकूल असर हो रहा है। खासकर पछात लगी सरसों और आलू की फसल को नुकसान हो रहा है। मसूर पर भी खतरा मंडरा रहा है। बीते वर्ष भी रबी सीजन में मसूर की फ़सल का उत्पादन ठीक नहीं था और इस साल लोगों को भरपाई की उम्मीद है लेकिन एक बार फिर से किसानों की चिंता बढ़ गई है। क्योंकि कभी मौसम की मार तो विभित्र बीमारियों की चपेट में आकर मसूर फसल की खेती घाटे का सौदा साबित हो रही है। इस साल बारिश का सीजन ठीक था और धान की खेती अधिक हुई। गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों में मसूर की खेती की उत्पादकता में ठहराव आ गया है। जिले के दियारा के साथ ही टाल क्षेत्रों में मसूर की खेती बड़े पैमाने पर होती है। पड़ रहे कुहासे के बीच तिलहन एवं दलहन की फसलों में कुहास...
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