नई दिल्ली, जुलाई 10 -- इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले लाखों छात्रों के लिए जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन यानी जेईई पास करना जिंदगी का सबसे बड़ा सपना होता है। दिन-रात की मेहनत और किताबों में खोए रहने के बाद जब कोई इस मुकाम तक पहुंचता है, तो लगता है मानो दुनिया मुट्ठी में आ गई हो। लेकिन आईआईटी बॉम्बे से निकले पराग अग्रवाल की कहानी कुछ अलग ही है। उनके लिए जेईई की कामयाबी महज एक पहला कदम था। यह कहानी है एक ऐसे इंसान की जिसने कटिंग-एज रिसर्च से लेकर दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों में से एक की कमान संभाली। फिर एक दिन अचानक सब कुछ छिन गया। भारी नुकसान और एक बड़े झटके का सामना किया। मगर कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। सिलिकॉन वैली में अपना खुद का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) स्टार्टअप खड़ा करके उन्होंने साबित कर दिया कि कामयाबी का रास्ता कभी सी...