वाराणसी, मार्च 17 -- वाराणसी। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में जल्द ही रीजनल बायो बैंक स्थापित होगा। इसके लिए 1.5 करोड़ रुपया स्वीकृत किया गया है। बायो बैंक में करीब डेढ़ लाख मरीजों के स्वास्थ्य से जुड़े डेटा और जैविक नमूने सुरक्षित रखे जाएंगे। इससे गंभीर बीमारियों पर शोध और इलाज की नई संभावनाएं खुलेंगी। बायो बैंक बनने से मरीजों के रक्त, ऊतक और अन्य जैविक नमूनों के साथ उनकी बीमारी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी को वैज्ञानिक ढंग से संरक्षित किया जा सकेगा। यह डेटा भविष्य में चिकित्सा अनुसंधान, नई दवाओं के परीक्षण और जटिल बीमारियों के बेहतर इलाज के लिए उपयोगी होगा। डॉक्टरों का कहना है कि बायो बैंक बनने के बाद अलग-अलग बीमारियों के पैटर्न, कारण और उपचार के बेहतर तरीकों पर अध्ययन किया जा सकेगा। ट्रॉमा सेंटर के इंचार्ज प्रो. सौरभ सिंह ने अगले महीने इसका क...