लखनऊ, मई 13 -- केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में मरीजों की मुश्किलें कम नहीं हो रही है। मरीजों को एक से दूसरे विभाग में शिफ्ट करने अड़चन आ रही है। मरीज घंटों तड़पते रहते हैं, लेकिन एम्बुलेंस नहीं मिल पा रही है। मजबूरन मरीजों को ई-रिक्शे का सहारा लेना पड़ रहा है। ट्रॉमा सेंटर में करीब 400 बेड हैं। ट्रॉमा में भर्ती मरीजों को कुछ समय के बाद विभागों में शिफ्ट करना पड़ता है। ताकि आगे का इलाज सुचारू रूप से चलता रहे। इसके लिए 17 एम्बुलेंस हैं। डॉक्टर की सलाह पर एम्बुलेंस से मरीजों को संबंधित विभागों में निशुल्क शिफ्ट करने के आदेश हैं। इसके बावजूद मरीजों को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिल पा रही है। मरीज एम्बुलेंस के इंतजार में घंटों तड़पते रहते हैं। मजबूरन मरीज ई-रिक्शा से जाने को मजबूर हैं。
एम्बुलेंस की कमी मंगलवार को शाहजहांपुर ऊंचाहार निवासी राजीव अवस्थी ...
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