लखनऊ, मई 14 -- केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब कैजुअल्टी में इलाज के लिए गंभीर मरीजों का इंतजार कम होगा। कैजुअल्टी में 11 नॉन पीजी जूनियर रेजिडेंट ने नौकरी ज्वाइन कर लिया है। इससे मरीजों को इलाज मिलने में आसानी होगी। ट्रॉमा सेंटर में 400 बेड हैं। हर दिन 200 से 250 मरीज इमरजेंसी में आते हैं। सबसे पहले पंजीकरण के बाद मरीज को कैजुअल्टी वार्ड में भर्ती कर इलाज मुहैया कराया जाता है। प्राथमिक इलाज के बाद मरीज को संबंधित विभाग में शिफ्ट कराया जाता है। कैजुअल्टी में करीब 42 बेड हैं। जो बेड हमेशा भरे रहते हैं। कैजुअल्टी में हर वक्त 80 से 90 मरीज स्ट्रेचर पर रहते हैं।मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए ट्रॉमा में नॉन पीजी जूनियर रेजिडेंट के 46 पद स्वीकृत हैं। इसके मुकाबले 22 नॉन पीजी जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर कार्यरत थ...