लखनऊ, जुलाई 8 -- केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में चल रहा बेतरतीब निर्माण कार्य अब मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। करीब 400 बेड वाले इस ट्रॉमा सेंटर में रोजाना 300 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि 120 से ज्यादा गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इसके बावजूद ट्रॉमा परिसर के आधे से अधिक हिस्से में निर्माण कार्य चलने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। हालात यह है कि सुबह से लेकर देर शाम तक ट्रॉमा सेंटर के बाहर एम्बुलेंसों की लंबी कतार लगी रहती है। संकरे रास्तों और निर्माण सामग्री के कारण एम्बुलेंसों को अंदर पहुंचने और बाहर निकलने में काफी समय लग रहा है। कई बार गंभीर हालत में लाए गए मरीजों को एम्बुलेंस में ही इंतजार करना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ रही है।

परिस्थिति की गंभीरता ट्रॉमा ...