लखनऊ, अप्रैल 25 -- केजीएमयू में बांड के तहत तैनात नॉन पीजी जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को ट्रॉमा सेंटर की ड्यूटी रास नहीं आ रही है। यही वजह है कि नॉन पीजी जेआर लगातार नौकरी छोड़ रहे हैं। हालात यह है कि 11 में नौ डॉक्टर नौकरी छोड़कर जा चुके हैं। इसकी वजह से ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को इलाज मुहैया कराने में अड़चन आ रही है। केजीएमयू प्रशासन ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के महानिदेशक को पूरी रिपोर्ट भेज दी है। ट्रॉमा सेंटर में 400 बेड हैं। हर दिन करीब 200 से 250 मरीज कैजुल्टी में इलाज के लिए आते हैं। इसमें 80 से 90 मरीज भर्ती किए जाते हैं। मार्च में बांड के तहत 11 नॉन पीजी जेआर का चयन हुआ था। इनका वेतन करीब एक लाख रुपये से अ​धिक था। इन्हें ट्रॉमा में अपनी सेवा देनी थी। इसमें कुछ डॉक्टर शुरूआती दिन में आए थे। इसके बाद एक-एक करके नौ नॉन पीजी जेआर अपनी स...