लखनऊ, मई 1 -- केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के कैजुअल्टी वार्ड में रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी की वजह से अव्यवस्था हावी हो गई है। यहां 80 से ज्यादा मरीज छह रेजिडेंट डॉक्टरों के भरोसे रहते हैं। इसकी वजह से मरीजों को इलाज मिलने में अड़चन आ रही है। ट्रॉमा सेंटर में 400 बेड हैं। प्रतिदिन 200 से 250 मरीज इमरजेंसी में आते हैं। सबसे पहले पंजीकरण के बाद मरीज को कैजुअल्टी वार्ड में भर्ती कर इलाज मुहैया कराया जाता है। प्राथमिक इलाज के बाद मरीज को संबंधित विभाग में शिफ्ट कराया जाता है। कैजुअल्टी में करीब 42 बेड हैं। ज्यादातर बेड हमेशा भरे रहते हैं। बेड भरे रहने की दशा में स्ट्रेचर पर मरीजों को भर्ती किया जाता है। कैजुअल्टी में 40 से 50 मरीज हमेशा स्ट्रेचर पर रहते हैं। एक वक्त में 80 से ज्यादा मरीज कैजुअल्टी में रहते हैं। इन मरीजों को इलाज मुहैया कराने की जिम्म...