जमशेदपुर, अप्रैल 22 -- ट्रैफिक पुलिस चेकपोस्ट के वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करने पर कार्रवाई और जेल की चेतावनी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा के पूर्व जिला प्रवक्ता सह आरटीआई कार्यकर्ता अंकित आनंद ने इस मुद्दे पर झारखंड विधानसभा की प्रत्यायुक्त विधान समिति के सभापति को आवेदन भेजकर पूरे प्रकरण की जांच और स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग की है। अंकित आनंद ने अपने आवेदन में कहा कि 20 अप्रैल 2026 को प्रकाशित हिन्दुस्तान अखबार में ट्रैफिक डीएसपी के बयान के आधार पर यह संकेत दिया गया कि चेकिंग प्वाइंट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालने पर दंडात्मक कार्रवाई, यहां तक कि जेल भी हो सकती है। यह भी पढ़ें- एआई सामग्री पर लगातार दिखाना होगा पहचान चिह्न इसे लेकर उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा कोई विधिवत अधिसूचना जारी की...