पटना, मार्च 10 -- पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जानना चाहा कि क्यों नहीं ट्रैफिक चालान का मामला लोक अदालत में भेजा जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि अन्य राज्यों में ट्रैफिक चालान मामले को लोक अदालत में भेजा जाता हैं, ताकि अदालतों के कामकाज में बाधा उत्पन्न नहीं हो। कोर्ट ने कहा कि ट्रैफिक चालान संबंधी विवादों को लोक अदालत व विशेष लोक अदालतों में सुनवाई व निपटारा किये जाने का प्रावधान है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू और न्यायमूर्ति आलोक कुमार सिन्हा की खंडपीठ ने मंगलवार को रानी उर्फ रानी तिवारी की ओर से दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट सरकार से जानना चाहा कि दूसरे राज्यों की तरह बिहार में चालान विवादों के निपटारे के लिए लोक अदालत का उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा है। कोर्ट ने ओडिशा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां ट्रैफिक चाला...
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