ट्रैक की निगरानी में लापरवाही, ढाई से तीन हजार यात्री चपेट में आते
लखनऊ, जून 14 -- शहर के बीच से गुजरते हुए भी भौगोलिक बनावट के कारण बिलकुल अलग दिलकुशा ब्लाक हट रेलवे ट्रैक सुरक्षा के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जाता है। कैंट और वन क्षेत्र के बीच से गुजरे रेलवे ट्रैक के दोनों तरफ दिलकुशा से लेकर मल्हौर से पहले गोमती नदी के पुल तक काफी पेड़-पौधे हैं। इस रूट से रोजाना पंजाब मेल, हमसफर, दुरंतो और प्रयागराज एक्सप्रेस जैसी कई वीआईपी ट्रेनों सहित करीब 180 गाड़ियां गुजरती हैं (यानी हर 8 से 10 मिनट में एक ट्रेन)। जिसमें मालगाड़ियां भी शामिल हैं। बावजूद इसके ट्रैक की निगरानी में बरती गई लापरवाही का नतीजा ही है कि शुक्रवार दोपहर में ट्रैक पर भारी-भरकम लोहे का दरवाजा रख ट्रेन पलटने की साजिश रची गई। यदि ऐसा होता तो 2500 से 3000 यात्री इसकी चपेट में आते।
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